नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026। सावन माह के पवित्र अवसर पर चल रही कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। प्रमुख राजमार्गों पर विशेष यातायात योजना लागू की गई है, जबकि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, अर्धसैनिक बलों और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाने के लिए पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संसाधन लगाए गए हैं।
हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री और गौमुख जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। गंगा से जल भरने के बाद कांवड़िए पैदल, साइकिल और अन्य पारंपरिक माध्यमों से अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बागपत और नोएडा से होकर गुजरने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर भारी भीड़ दर्ज की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह चिकित्सा शिविर, विश्राम स्थल, पेयजल केंद्र और भोजन की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में प्रवेश करने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। कई स्थानों पर यातायात का मार्ग बदला गया है ताकि आम लोगों और कांवड़ियों दोनों को कम से कम परेशानी हो। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। साथ ही सोशल मीडिया और एफएम रेडियो के माध्यम से भी लगातार यातायात संबंधी जानकारी साझा की जा रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया है। डीजीपी मुख्यालय से सभी जिलों को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा की निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने भी यात्रा को देखते हुए विशेष तैयारियां की हैं। एंबुलेंस, मोबाइल मेडिकल यूनिट और प्राथमिक उपचार केंद्र चौबीसों घंटे कार्यरत हैं। चिकित्सकों ने श्रद्धालुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, अत्यधिक गर्मी और उमस से बचने तथा लंबी दूरी तय करने के दौरान समय-समय पर विश्राम करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिसके कारण प्रशासन ने फिसलन वाले मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
धार्मिक संगठनों और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कई स्थानों पर नि:शुल्क भंडारे, चिकित्सा सहायता, मोबाइल चार्जिंग केंद्र और विश्राम शिविर लगाए गए हैं। स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था बनाए रखने में भी प्रशासन की मदद कर रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम करें और यात्रा मार्गों को स्वच्छ रखने में सहयोग दें।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसलिए आधुनिक तकनीक, ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क और रियल टाइम कंट्रोल सिस्टम का उपयोग प्रशासन के लिए काफी प्रभावी साबित हो रहा है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं और प्रशासन के सहयोग से यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
फिलहाल कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और श्रद्धालुओं से संयम, अनुशासन तथा सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र राज्यों ने अपनी तैयारियों को और मजबूत कर दिया है।