नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026। देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और कई पहाड़ी तथा पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश तथा अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बताया गया है।
मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में बारिश का असर अधिक दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और पालघर में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, स्थानीय यातायात में देरी और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है।
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी मानसूनी गतिविधियां जारी हैं। गुरुग्राम में सुबह हुई बारिश के बाद कई मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। मौसम विभाग ने हरियाणा में मानसून के सक्रिय रहने और सप्ताह के अंत तक भारी बारिश की संभावना के कारण येलो अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश से भूस्खलन, चट्टान गिरने और पहाड़ी सड़कों के बंद होने का जोखिम बढ़ सकता है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह देखकर ही निकलने को कहा गया है। नदियों, नालों और जलप्रपातों के पास जाने से बचने की भी सलाह दी गई है।
तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका के कारण मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिणी तटीय राज्यों के मछुआरों को मौसम सामान्य होने तक गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण छोटी नावों के लिए स्थिति खतरनाक हो सकती है।
भारी बारिश से खेती को लाभ और नुकसान दोनों हो सकते हैं। जहां पर्याप्त वर्षा धान तथा दूसरी खरीफ फसलों के लिए उपयोगी है, वहीं खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों की जड़ों और सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और मौसम साफ होने तक कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव टालने की सलाह दी गई है।
शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों को नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की निगरानी और जलभराव वाले स्थानों पर कर्मचारी तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अंडरपास और अधिक पानी भरी सड़कों से वाहन निकालने का जोखिम न लें। तेज बारिश के दौरान बिजली के खंभों, खुले तारों और कमजोर पेड़ों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सक्रिय स्थिति आगामी कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। गुजरात, कोंकण और महाराष्ट्र में भारी बारिश का जोखिम विशेष रूप से अधिक है, जबकि मध्य, उत्तरी और पूर्वोत्तर भारत में भी कई दौर की तेज वर्षा हो सकती है। नागरिकों से आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।