नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026। देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश का असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। उत्तर भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं, कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रैक के आसपास जलभराव की स्थिति बनी और कई मार्गों पर यातायात धीमा पड़ गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताते हुए यात्रियों से यात्रा से पहले मौसम और यातायात की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में सुबह से ही बारिश के कारण प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर पानी भरने से वाहन रेंगते हुए आगे बढ़े, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा। ट्रैफिक पुलिस ने प्रभावित मार्गों पर अतिरिक्त जवान तैनात कर यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख चौराहों और अंडरपास में पानी भर जाने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया और एफएम रेडियो के माध्यम से लोगों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी। कई निजी कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति भी दी ताकि सड़कों पर दबाव कम हो सके।
रेलवे विभाग ने भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण ट्रेनों की गति एहतियात के तौर पर कम कर दी गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जहां भी आवश्यक होगा, ट्रेनों का संचालन मौसम के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा। रेलवे इंजीनियरिंग टीमों को संवेदनशील ट्रैक और पुलों की निगरानी के लिए तैनात किया गया।
कुछ हवाई अड्डों पर भी खराब मौसम का असर देखा गया। लगातार बारिश और कम दृश्यता के कारण कुछ उड़ानों के समय में बदलाव किया गया, जबकि कुछ विमानों को निर्धारित समय से देर से उड़ान भरनी पड़ी। एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें। हवाई अड्डों पर अतिरिक्त सहायता डेस्क भी स्थापित किए गए ताकि यात्रियों को आवश्यक जानकारी मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई संपर्क मार्ग जलभराव और छोटे पुलों पर पानी आने के कारण प्रभावित हुए। कुछ गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से अस्थायी रूप से टूट गया। स्थानीय प्रशासन ने जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से रास्तों को सुचारु बनाने का कार्य शुरू किया। आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम और अचानक होने वाली भारी वर्षा के कारण यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि शहरों में बेहतर जल निकासी प्रणाली, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन और वास्तविक समय की यातायात सूचना प्रणाली विकसित की जानी चाहिए ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों तक कई राज्यों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में यात्रियों को लंबी यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग, रेलवे, एयरलाइंस और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट देखने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि वहां भूस्खलन की संभावना बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी बारिश के दौरान सुरक्षित यात्रा करने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरने, तेज बहाव वाले पानी में वाहन चलाने और बिजली के खंभों या खुले तारों के पास जाने से बचने की अपील की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, रेलवे, मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच प्रभावी सहयोग से यात्रियों की कठिनाइयों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
शाम तक कई शहरों में स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखा गया, लेकिन कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी रही। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें, यातायात नियमों का पालन करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय रहेगा, इसलिए यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना सभी के लिए आवश्यक होगा।