जीएसटी नियमों और नोटिस पर हुई चर्चा
Ghaziabad
गाजियाबाद (9जून 2026) राकेश मार्ग पर जेकेएम लीला होंडा पर व्यापारियों के बीच संवाद शुरु करने के उद्देश्य से एक “व्यापारी संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य कर (जीएसटी) के उपायुक्त विजय चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और नियमों के तहत उनका स्पष्टीकरण व समाधान पेश किया।
इस कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने एक बड़ी समस्या की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि विभाग से कई सालों बाद ऐसे नोटिस जारी किए जाते हैं, जिनमें विक्रेता का कर जमा न करने का आरोप खरीददार पर लगाया जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि व्यापारी ने वैध इनवॉइस पर माल खरीदा है, तो उसे दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के हालिया निर्णय का भी हवाला दिया।
जीएसटी पोर्टल की प्रक्रिया के बारे में पार्षद नीरज गोयल ने सुझाव दिया कि पेटीएम या एमेज़न ऐप जैसी सरल होनी चाहिए, जिससे एक आम आदमी भी इसका आसानी से उपयोग कर सके। प्रक्रिया सरल होने से वकीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन और सरकार के राजस्व दोनों में वृद्धि होगी।
युवा प्रदेश सचिव अंकुर गर्ग ने विभागीय प्रक्रियाओं और श्याम किशोर शुक्ल ने रिटर्न दाखिल करने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों से अधिकारियों को रुबरु कराया।
“विभाग व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।” विजय चौधरी, उपायुक्त (जीएसटी)
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा ने कहा कि व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और कर विभाग राजस्व का स्तंभ दोनों के बीच सकारात्मक संवाद से ही विकास को गति मिलती है। जेकेएम लीला होंडा के चेयरमैन योगेश सलूजा ने बताया कि यह संवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और समन्वय की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ।
इस मौके पर सहायक आयुक्त सूर्य प्रकाश, राज्य कर अधिकारी ज़ुबेर ख़ान, विशाल गोस्वामी, अमित गोयल, रवि कालिया, कपिल गोयल, ब्रह्मपाल यादव, पं. अशोक भारतीय, एडवोकेट संदीप त्यागी और यतेंद्र सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद थे।