नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026। देशभर में आगामी त्योहारों और बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। रेल मंत्रालय ने सभी जोनल रेलवे, मंडल रेल प्रबंधकों और स्टेशन निदेशकों को निर्देश जारी करते हुए प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा, साफ-सफाई, भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं की विशेष निगरानी करने को कहा है। मंत्रालय का उद्देश्य त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।
रेल मंत्रालय के निर्देशों के बाद देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों—नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, हावड़ा, चेन्नई सेंट्रल, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, भोपाल, पटना, जयपुर और अहमदाबाद सहित कई बड़े स्टेशनों पर विशेष निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर, लिफ्ट और पार्किंग क्षेत्रों का निरीक्षण किया। जहां भी कमियां मिलीं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और Government Railway Police (GRP) को संयुक्त रूप से संवेदनशील स्टेशनों और ट्रेनों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी तेज कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के लिए विशेष कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष योजना तैयार की गई है। जिन स्टेशनों पर प्रतिदिन लाखों यात्री आते-जाते हैं, वहां अतिरिक्त टिकट काउंटर, हेल्प डेस्क और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है। प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ रोकने, यात्रियों को सही प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने और वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग यात्रियों की सहायता के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है।
रेलवे ने साफ-सफाई व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी है। स्टेशनों पर शौचालयों, प्रतीक्षालयों और प्लेटफॉर्म की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल व्यवस्था, बैठने की सुविधा और प्रकाश व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन और शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत किया गया है।
तकनीकी स्तर पर भी रेलवे कई सुधार लागू कर रहा है। सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक निरीक्षण और लोकोमोटिव की तकनीकी जांच नियमित रूप से की जा रही है ताकि संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। इंजीनियरिंग विभाग को संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून के मौसम को देखते हुए पुलों, पटरियों और जलभराव वाले क्षेत्रों का अतिरिक्त निरीक्षण भी किया जा रहा है।
यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें, चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें, संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर तुरंत रेलवे अधिकारियों या RPF को सूचित करें तथा केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराएं। रेलवे ने यह भी कहा है कि फर्जी एजेंटों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहना आवश्यक है।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है और प्रतिदिन करोड़ों यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में नियमित सुरक्षा समीक्षा, आधुनिक तकनीक का उपयोग और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार समय की आवश्यकता है। उनका कहना है कि यदि निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रहे तो यात्रियों की सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
फिलहाल रेल मंत्रालय के निर्देशों के बाद देशभर में निरीक्षण अभियान जारी है। आने वाले दिनों में विभिन्न रेलवे जोनों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी और जहां आवश्यक होगा वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्रालय का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्ध संचालन और बेहतर सुविधाएं भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।