गाजियाबाद। मानसून की शुरुआत के साथ ही नगर निगम ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर नालों, पुलियाओं और जलभराव वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नगर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां नालों की नियमित सफाई, नालों की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने, आवश्यक स्थानों पर जाल लगाने तथा जोखिम वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग का कार्य प्राथमिकता से कराया जाए। निर्माण विभाग को इस संबंध में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा प्रकाश विभाग को निर्देशित किया गया है कि बरसात के दौरान विद्युत पोलों पर चेतावनी संबंधी फ्लेक्स लगाकर करंट जैसी संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
जोनवार बनाए गए नोडल अधिकारी
बरसात के दौरान सफाई कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए नगर निगम ने जोनवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है।
सिटी जोन – अधिशासी अभियंता (निर्माण) विपुल कुमार
कवि नगर जोन – प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज
विजयनगर जोन – अधिशासी अभियंता (जल) सुनील कुमार
मोहन नगर जोन – महाप्रबंधक (जल) के.पी. आनंद
वसुंधरा एवं इंदिरापुरम जोन – मुख्य अभियंता (निर्माण) एन.के. चौधरी
संयुक्त रूप से चल रहा अभियान
नगर निगम के निर्माण, स्वास्थ्य एवं जलकल विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं ताकि बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रमुख मार्गों के साथ-साथ आंतरिक गलियों में भी सफाई और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।
नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए हैं कि नालों से निकाली गई सिल्ट का समय पर उठान सुनिश्चित किया जाए। सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


