New Delhi
नई दिल्ली (11 अक्तूबर2026) नेपाल एक बार फिर प्राकृतिक आपदा और भीषण बाढ़ की चपेट में है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। देश की प्रमुख नदियों में शुमार बूढ़ी गंडक एक बार फिर उफान पर है और इसका जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। आरुघाट इलाके में बूढ़ी गंडक की विकराल रूप धारण कर चुकी लहरों ने भारी तबाही मचाई है, जिसके चलते ऐतिहासिक सेती ब्रिज के भी पानी में बह जाने की खबर सामने आ रही है।
पिछले करीब दो महीनों से लगातार जारी बारिश और बाढ़ के दौर ने नेपाल को बेहाल कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक कोई भी नागरिक नदी के आसपास न जाए और सुरक्षित स्थानों पर ही रहे।
भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार पर भी मंडराया खतरानेपाल में उफनती नदियों और लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अब भारत के मैदानी इलाकों पर भी दिखने लगा है। नेपाल से छोड़े जाने वाले पानी और जलप्रलय के कारण भारत के पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार
के निचले इलाकों में भी बाढ़ का बड़ा खतरा मंडराने लगा है। तटीय इलाकों के प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।