देशभक्ति के तराने गूंजे और सादगी-राष्ट्रसेवा का दिया संदेश
Ghaziabad
गाजियाबाद(5अक्तूबर 2026)वसुंधरा में मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती उल्लास और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने दोनों महान विभूतियों के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित भाषण, कविताएं, सुमधुर गीत और देशभक्ति नारों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया।
सादगी और जनसेवा ही महानता का आधार: डॉ. अशोक कुमार गदिया
संस्थान के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने दोनों युगपुरुषों के प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संपन्न परिवार से आने के बावजूद गांधी जी ने आजीवन सादगी अपनाई और आम जनमानस की आवाज बने, जिससे आजादी की लड़ाई एक जनआंदोलन में बदल गई। इसी प्रकार साधारण कद-काठी के धनी शास्त्री जी ने अपने असाधारण नेतृत्व से देश को गंभीर अन्न संकट से उबारा। उन्होंने बल दिया कि दोनों महापुरुषों का जो सम्मान विदेशों में है, वैसा सम्मान और निष्ठा यदि हम अपने आचरण में उतारें, तभी हम सच्चे देशभक्त कहलाने के अधिकारी होंगे।
संस्थान की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को सत्य, सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल मंत्रों को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम में आस्था, महक, अमन, मुस्कान, संचिता, अदिति, आयुषी, वैशाली, प्रियांशी एवं उनके दल ने दोनों विभूतियों के आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी को भावविभोर कर दिया। मंच का सफल संचालन स्वाति पंवार और भूमि कालरा ने किया। समारोह का औपचारिक समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ।