मध्य प्रदेश सरकार ने 10000 सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम शुरू किया। हर स्कूल को 20 टैबलेट और स्मार्ट बोर्ड दिया गया। कुल खर्च 500 करोड़ रुपये।
मुख्यमंत्री ने भोपाल में योजना का शुभारंभ किया। कहा कि डिजिटल शिक्षा आज की आवश्यकता है।
छात्र इंटरनेट के जरिए दुनिया भर के शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच सकेंगे।
50000 से अधिक शिक्षकों को डिजिटल उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
अगले चरण में शेष 30000 स्कूलों में भी यह सुविधा दी जाएगी।
विश्व बैंक ने इस परियोजना की प्रशंसा की है।
छात्रों और अभिभावकों ने योजना का स्वागत किया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी स्कूलों में डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इंटरैक्टिव पाठ पढ़ाए जाएंगे जिससे छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी।
यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।