नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले कार्य समूह ने पहली बैठक की।
बैठक में पेपर लीक रोकने के तकनीकी उपायों पर चर्चा हुई।
नीलेकणि ने कहा कि हम डिजिटल तकनीक और ब्लॉकचेन पर विचार कर रहे हैं।
तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान: पेपर लीक रोकथाम, परीक्षा केंद्र प्रबंधन, पारदर्शिता।
पूर्व आईबी निदेशक ने पेपर लीक को संगठित अपराध बताया।
कार्य समूह 27 जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट देगा।
छात्र संगठनों ने नियुक्ति का स्वागत किया।