भारतीय नौसेना में हाल ही में आईएनएस महेंद्रगिरी को शामिल किया गया है, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आधुनिक जंगी जहाज भारत में ही डिजाइन किया गया है और भारत में ही बना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में इस उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा कि इस युद्धपोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है।
आईएनएस महेंद्रगिरी का नामकरण अरुणाचल प्रदेश की महेंद्रगिरी पर्वत श्रृंखला के नाम पर किया गया है। यह जहाज भारतीय नौसेना की आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें नवीनतम तकनीक और हथियार प्रणालियां लगी हुई हैं।
इस युद्धपोत के निर्माण में भारतीय शिपयार्ड और रक्षा उद्योग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय नौसेना के अनुसार, यह जहाज स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की सरकार की नीति के अनुरूप है।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि आईएनएस महेंद्रगिरी के शामिल होने से भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमता में काफी इजाफा होगा। यह जहाज समुद्री सुरक्षा और तटीय रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि इस महीने डीआरडीओ ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का भी सफल परीक्षण किया है। भारत रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग में लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
इंडोनेशिया में पीएम मोदी की यात्रा के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है, जो दुनिया के भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
भारतीय नौसेना पिछले कुछ वर्षों में कई स्वदेशी युद्धपोतों को शामिल कर चुकी है। आईएनएस विक्रांत, आईएनएस अरिहंत और आईएनएस कलकत्ता जैसे जहाज पहले से ही सेवा में हैं।