गुजरात में भारी बारिश के कारण बनी बाढ़ की स्थिति में भारतीय सेना ने 790 से अधिक फंसे हुए लोगों को बचाया है। पिछले तीन दिनों में सेना के जवानों ने नवसारी, वलसाड, वापी और सिलवासा में बचाव अभियान चलाया।
दक्षिण गुजरात में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में तेजी से बाढ़ आ गई। वलसाड और नवसारी जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए, जहां 35 में से 29 मौतें हुईं।
भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने 23 जुलाई की शाम से मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय में फंसे हुए लोगों तक पहुंचा गया।
बचाव दलों ने अहमदाबाद के ढोलका और राजोडा क्षेत्रों में भी अभियान चलाया। सेना की चिकित्सा टीमों ने बचाव स्थलों पर तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं और राहत दलों ने भोजन, पानी और आवश्यक सामग्री वितरित की।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में स्थिति की समीक्षा की। उत्तरी गुजरात में भारी बारिश की भविष्यवाणी को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
राज्य में 42,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें संवेदनशील जिलों में तैनात हैं।
अहमदाबाद जिले में 28 जुलाई से मानसून गतिविधि कमजोर होने की उम्मीद है, लेकिन अगले दो दिनों में व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है।
बाढ़ ने गुजरात में कृषि भूमि और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों में सड़क संपर्क टूट गया है और बिजली आपूर्ति बाधित है।