मेवाड़ इंस्टीट्यूट के छात्रों का ‘ऑटोमैटिक ग्रीन कॉरिडोर’ का फॉर्मूला
Ghaziabad
गाजियाबाद26 सितंबर 2026) मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विद्यार्थियों ने आपातकालीन स्थिति में ट्रैफिक जाम में फंसी एंबुलेंस में मरीज की जान बचाने के एक प्रभावी और आधुनिक समाधान पेश किया है। मंगलमय इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित प्रतिष्ठित ‘कैम्पस टायकून’ प्रतियोगिता में संस्थान के बीबीए छात्रों के प्रस्तुत किए गए इस अनूठे नवाचार को अतिमहत्वपूर्ण श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
संस्थान की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बीबीए के होनहार विद्यार्थियों अरबाज अंसारी, अलीशा और प्रियांश आर्य ने एंबुलेंस के सुगम आवागमन के लिए ‘ऑटोमैटिक ग्रीन कॉरिडोर’ तकनीक का खाका तैयार किया है। तकनीक का प्रारुप, स्मार्ट डिवाइस और जीपीएस ट्रैकिंग: एंबुलेंस में एक विशेष डिवाइस स्थापित की जाएगी, जो जीपीएस के जरिए वाहन की सटीक लोकेशन ट्रैक करेगी।
स्वचालित क्लीयरेंस: एंबुलेंस जैसे ही किसी चौराहे के नजदीक पहुंचेगी, यह डिवाइस पहले से ही आगे के ट्रैफिक सिग्नलों को अलर्ट भेज देगी।
ऑटोमैटिक ग्रीन लाइट: अलर्ट मिलते ही एंबुलेंस के मार्ग में पड़ने वाले सभी ट्रैफिक सिग्नल स्वतः ‘ग्रीन’ हो जाएंगे, जिससे स्वतः एक ग्रीन कॉरिडोर तैयार हो जाएगा।
गोपनीयता व सुरक्षा: इस सिस्टम का सारा डेटा क्लाउड सर्वर पर सुरक्षित रहेगा और यह सुविधा केवल पंजीकृत (रजिस्टर्ड) एंबुलेंस के लिए ही कार्य करेगी।
इस प्रणाली के लागू होने से एंबुलेंस को ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे गोल्डन ऑवर में मरीज को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। प्रतियोगिता के आयोजकों और निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के इस संवेदनशील व तकनीकी प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।