New Delhi
नई दिल्ली (22 मई 2026) भारतीय रेल अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और हाई-टेक होने जा रही है। रेल नेटवर्क, यात्रियों और स्टेशन परिसरों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए रेल मंत्रालय ने कमर कस ली है। हाल ही में हुई आगजनी की कुछ घटनाओं में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता सामने आने के बाद, रेलवे ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। इन खतरों से निपटने के लिए अब बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और सीसीटीवी (CCTV) जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल एक ‘मिशन मोड’ के तहत किया जा रहा है।
इस सिलसिले में रेल भवन, नई दिल्ली में एक हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग बुलाई गई।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। बैठक में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, रवनीत सिंह बिट्टू और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान देश भर के फील्ड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए व्यापक विचार-विमर्श किया गया और सुरक्षा का एक अभेद्य चक्र तैयार करने की रणनीति बनी।
रेलवे को सुरक्षित बनाने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं:
पूरे रेल नेटवर्क पर नज़र रखने के लिए AI-बेस्ड कैमरों और ड्रोन तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा।
RPF (रेलवे सुरक्षा बल ) के बीट स्तर पर खुफिया जानकारी (Intelligence) जुटाने के सिस्टम को और ज्यादा अपग्रेड और मजबूत किया जा रहा है।
हाल के दिनों में रेलवे की मुस्तैदी और त्वरित एक्शन की वजह से कई बड़ी दुर्घटनाओं को समय रहते टाला गया है। अब सूचनाओं के तेजी से ट्रांसफर के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है।
रेलवे ने इस सुरक्षा अभियान में आम जनता और यात्रियों की भागीदारी को भी बेहद जरूरी माना है। मंत्रालय यात्रियों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाएगा, ताकि यात्रा के दौरान या स्टेशन पर असामाजिक गतिविधियों को रोका जा सके।
यात्रा के दौरान पूरी तरह सतर्क और सावधान रहें।
यदि रेलवे परिसर या ट्रेन में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे की आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें।