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मेरी सफलता का श्रेय मेरे स्कूल के शिक्षक और सैल्फ़ स्टडी: हिबा फ़ातमा

up board exam result यूपी बोर्ड परीक्षा 12 वीं कक्षा में गाजियाबाद जनपद में महर्षि दयानंद विद्यापीठ, गोविंदपुरम, गाजियाबाद की छात्रा हिबा फ़ातमा को दूसरा स्थान हासिल करने पर हमारी टीम ने  शुभकाममाएं दी साथ ही उनसे उनकी कामयाबी के बारे में कुछ सवाल भी किए।

सवालः सबसे पहले आपको इस शानदार सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई! आपने हाईस्कूल में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था और अब इंटरमीडिएट में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अपनी इस निरंतरता का राज साझा करें, आप अपना स्टडी शेड्यूल कैसे बनाती हैं?
उत्तरः बहुत-बहुत शुकरिया! मेरा मानना है कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती, यह आपकी दैनिक आदतों का परिणाम है। हाईस्कूल के अनुभवों ने मुझे सिखाया कि ‘कंसिस्टेंसी’ ही चाबी है। मेरा कोई तयशुदा 10-12 घंटे का कठिन शेड्यूल नहीं होता, बल्कि मैं डेली टारगेट (Daily Targets) सेट करती हूँ। मैं सुबह के समय उन विषयों को पढ़ती हूँ जो थोड़े कठिन हैं, जैसे गणित या भौतिक विज्ञान, क्योंकि उस समय दिमाग सबसे ज्यादा फ्रेश होता है। रात का समय रिवीज़न के लिए होता है।

सवालः आजकल कोचिंग का बहुत चलन है। आपने अपनी तैयारी के लिए किस संस्थान या कोचिंग की मदद ली?
उत्तर: नहीं , मेरी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय मेरे स्कूल के शिक्षकों और Self-Study को जाता है। मैंने किसी बड़े नामी कोचिंग संस्थान से जुड़ने के बजाय अपनी पाठ्यपुस्तकों और स्कूल नोट्स पर भरोसा किया। हाँ, जहाँ कहीं भी मुझे कोई टॉपिक समझने में दिक्कत आई, तो मैंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब की मदद ली। मेरा मानना है कि अगर आपके ‘बेसिक्स’ क्लियर हैं, तो आप खुद की मेहनत से भी टॉप कर सकते हैं।
सवालः क्या आप पूरे दिन केवल किताबों में ही खोई रहती हैं? खेलों के प्रति आपकी क्या रुचि है?
उत्तर: (हँसते हुए) बिल्कुल नहीं! केवल पढ़ाई में डूबे रहने से दिमाग थक जाता है। मुझे खेलों में बहुत रुचि है, विशेषकर बैडमिंटन। शाम को आधा-एक घंटा खेलने से मेरा तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। खेल हमें हार स्वीकार करना और फिर से लड़ना सिखाते हैं, जो पढ़ाई में भी बहुत काम आता है।
सवालः अक्सर टॉपर छात्र बाहरी दुनिया से कट जाते हैं। क्या आप अपना सारा समय सिर्फ किताबों को ही देती हैं?
उत्तर:  मैं पढ़ाई को ‘समय’ में नहीं, बल्कि ‘क्वालिटी’ में मापती हूँ। अगर मैं 4 घंटे मन लगाकर पढ़ रही हूँ, तो वो काफी है। बाकी समय में मैं संगीत सुनती हूँ, घर वालों के साथ बातचीत करती हूँ और दुनिया की खबरों से अपडेट रहती हूँ। एक संतुलित जीवन ही आपको लंबी रेस का घोड़ा बनाता है।
सवालः भविष्य को लेकर आपकी क्या तैयारी है? आपने आगे के लिए कौन से विषय चुने हैं और आप किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं?
उत्तर: मेरा लक्ष्य बहुत स्पष्ट है। मैं मैडिकल क्षेत्र के माध्यम से देश की सेवा करना चाहती हूँ। स्नातक (Graduation) के लिए मैं जीव विज्ञान को चुनने की योजना बना रही हूँ, ताकि मेरी तैयारी अभी से मजबूत हो सके। मैं एक डाक्टर बनकर समाज के कमजोर लोगों की सेवा करना चाहती हूँ, विशेषकर गरीब महिलाओं के लिए।

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