New Delhi
नई दिल्ली (21 अप्रैल 2026) उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन ने सिविल सेवा दिवस के मौके पर देश भर में कार्यरत सभी प्रशासनिक अधिकारियों और उनके सेवानिवृत्त साथियों को अपने संबोधन में हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने याद दिलाया कि स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं के प्रशिक्षुओं को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को “भारत का स्तंभ” बताया था। इस बात को 79 वर्ष हो चुके हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अधिकारियों के विभिन्न बैचों ने इस विरासत को निरंतर कायम रखा है और प्रगति एवं समृद्धि की राह पर राष्ट्र की ठोस संरचना के रूप में कार्य किया है। उन्होंने विभिन्न राज्यों में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रीय एकता और एकजुटता का सबसे बड़ा दूत बताया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में हासिल की गई अभूतपूर्व प्रगति का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मार्गदर्शक विजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रमुख उपलब्धियों के बारे में बताया, जिनमें लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना, गरीबों के लिए 4 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण और सीमावर्ती गांवों को जीवंत समुदायों के रूप में विकसित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदियों और नमो ड्रोन दीदियों जैसी पहलों के समर्थन से महिलाएं विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने आकांक्षी जिला कार्यक्रम और ‘एक जिला एक उत्पाद’ जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का भी जिक्र किया और इस बात पर जोर दिया कि कोई भी राज्य या जिला पीछे नहीं छूटना चाहिए।