अमिताभ बच्चन ने 1960 के दशक के आखिर से हिंदी फिल्मों में काम करना शुरू किया और पिछले 57 सालों में उन्होंने हर पीढ़ी के कई शानदार कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर की। इन्हीं में से एक थे दिवंगत अभिनेता मुकरी, जिनके साथ अमिताभ की ऑन-स्क्रीन जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। दोनों ने ‘लावारिस’, ‘शराबी’, ‘कुली’ समेत कई फिल्मों में साथ काम किया।
हालांकि, साल 2000 में मुकरी के निधन पर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन उनके अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे। अब मुकरी की बेटी नसीम मुकरी ने एक इंटरव्यू में इस घटना को याद किया और बताया कि ऋषि कपूर सुबह 7 बजे उनके घर पहुंचे थे और पिता के निधन पर बच्चों की तरह रो रहे थे।
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क्या बोलीं दिवंगत अभिनेता मुकरी की बेटी
विक्की लालवानी के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान जब नसीम से पूछा गया कि क्या मुकरी के निधन के बाद अमिताभ बच्चन ने उनके परिवार से रिश्ता बनाए रखा। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि मुकरी के निधन के बाद अमिताभ कभी उनके घर भी नहीं आए। नसीम ने कहा कि जब अमिताभ अपने संघर्ष के दिनों में महमूद के घर उनके छोटे भाई अनवर के साथ रहते थे, तब वह कभी-कभी उनके घर आया करते थे, लेकिन बाद में सब बदल गया।
नसीम ने कहा, “फिल्मों की दोस्ती ऐसी ही होती है। जब तक आप जोड़ी हिट रहती है, चाहे हीरो-हीरोइन हो, कॉमेडियन हो या विलेन और आप फिल्म हिट करा रहे हैं, तब तक दोस्ती भी रहती है। लेकिन जब साथ काम खत्म हो जाता है, तो सब खत्म हो जाता है। फिर लोग पूछते हैं कि आप कौन।” बता दें कि अमिताभ और मुकरी की जोड़ी उस दौर की सबसे पसंदीदा अभिनेता-कॉमेडियन जोड़ियों में से एक थी।
फिर जब नसीम से पूछा गया कि क्या अमिताभ बच्चन मुकरी के अंतिम संस्कार में आए थे, तो उन्होंने साफ कहा, “नहीं।” उन्होंने बताया कि जया बच्चन की भी उनके पिता से अच्छी दोस्ती थी, क्योंकि दोनों ने फिल्म ‘पिया का घर’ में साथ काम किया था। नसीम ने कहा, “आउटडोर शूटिंग के दौरान सब लोग गांवों में साथ रहते थे। लेकिन जया बच्चन भी नहीं आईं। उन्होंने फोन तक नहीं किया। उस वक्त हमने यह भी ध्यान नहीं दिया कि कौन आया और कौन नहीं।”
बच्चों की तरह रो रहे थे ऋषि कपूर
नसीम ने बताया कि ऋषि कपूर को रात 2 बजे टीवी पर मुकरी के निधन की खबर मिली थी। सुबह 7 बजे वह उनके घर पहुंच गए। दिवंगत अभिनते की बेटी ने कहा, “ऋषि कपूर सुबह 7 बजे आए। उन्होंने रात 2 बजे टीवी पर खबर देखी थी। दरवाजे की घंटी बजी, हमने दरवाजा खोला तो वह सामने खड़े थे और बच्चों की तरह रो रहे थे। मेरे पिता ने उनके साथ बहुत काम किया था।”
बता दें कि ऋषि कपूर और मुकरी ने कई फिल्मों में साथ काम किया था। इनमें ‘अमर अकबर एंथनी’ भी शामिल है, जिसमें मुकरी ने नीतू कपूर के ऑन-स्क्रीन पिता का किरदार निभाया था। नसीम ने कहा कि ‘तैयब अली’ गाना ऋषि कपूर और मुकरी की शानदार परफॉर्मेंस की वजह से इतना लोकप्रिय हुआ।
साल 2000 में हुए मुकरी का निधन
मुकरी का निधन साल 2000 में मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हुआ। वह 78 साल के थे। उन्हें ‘मदर इंडिया’, ‘बॉम्बे टू गोवा’ जैसी फिल्मों में निभाए गए अपने यादगार कॉमिक किरदारों के लिए आज भी याद किया जाता है।
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