युवा शोधकर्ता डॉ. मिलिन्द पाण्डेय “नेशनल इमर्जिंग गांधियन स्कॉलर अवॉर्ड – 2026′ से सम्मानित”
Ghaziabad गाजियाबाद (3 अक्तूबर2026) आधुनिकता की दौड़ में जहां आज की युवा पीढ़ी महात्मा गांधी के विचारों और नैतिक मूल्यों से दूर होती नजर आ रही है, वहीं कुछ युवा ऐसे भी हैं जो बापू के दर्शन को नए संदर्भों में जीवंत करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी संस्थान ने गांधी जयंती के उपलक्ष्य में ऐसे ही वैचारिक प्रयासों को रेखांकित करते हुए पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर “नेशनल इमर्जिंग गांधियन स्कॉलर अवॉर्ड – 2026” का शुभारंभ किया है। इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए गाजियाबाद निवासी उभरते युवा अध्येता डॉ. मिलिन्द पाण्डेय को उनके गहन एवं मौलिक शोध कार्य के लिए चुना गया है।
डॉ. मिलिन्द पाण्डेय ने उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित केंद्रों दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज और सेंट स्टीफन्स कॉलेज से अध्ययन करते हुए गांधीवादी दर्शन पर अपनी पी.एच.डी. पूरी की है। वर्तमान में वे सेंट स्टीफन्स कॉलेज में बतौर फेकल्टी सदस्य अध्यापन कार्य कर रहे हैं और नई पीढ़ी के बीच गांधी के विचारों को प्रासंगिक बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि डॉ. मिलिन्द, गाजियाबाद के पूर्व जिलाधिकारी डॉ. अजय शंकर पाण्डेय के छोटे पुत्र हैं। डॉ. अजय शंकर पाण्डेय अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान जनहित में किए गए कई अनूठे गांधीवादी प्रयोगों और कार्यशैली के लिए जाने जाते रहे हैं। ऐसे में पिता की गांधीवादी प्रशासनिक विरासत को पुत्र के अकादमिक एवं शोध के स्तर पर आगे बढ़ाना स्वाभाविक रूप से बौद्धिक और सामाजिक हलकों में सराहना का विषय बना हुआ है।