Lucknow
लखनऊ (27 सितंबर 2026) पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में जारी मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोनों राज्यों में प्राकृतिक आपदा के चलते हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। खराब मौसम और बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ के रास्ते पर लैंडस्लाइड के चलते 4 हज़ार श्रद्धालु फंसे, इसके अलावा टिहरी,देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तरकाशी नैनीताल सहित कई शहरों में ओरैंज अलर्ट जारी है,
देवभूमि उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद हालात सबसे ज्यादा डरावने हैं। राज्य के कई हिस्सों में लगातार लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की खबरें आ रही हैं, जिसके कारण प्रमुख राजमार्ग और संपर्क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने से चारधाम यात्रा मार्ग समेत कई रास्ते बाधित हो गए हैं। प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अगले कुछ दिनों तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर, जनजीवन प्रभावित
उधर, उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी बारिश आफत बनकर बरसी है। भारी जलभराव और तेज आंधी-तूफान के कारण कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई जगहों पर पेड़ उखड़ने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
इस बीच, नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े गए पानी के चलते उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियां विशेषकर गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। तटीय गांवों में पानी घुसने से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है।
राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRF/SDRF) की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालयों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता व मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान दोनों राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है, यदि आप प्रभावित क्षेत्रों में हैं, तो नदी-नालों के पास जाने से बचें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें, और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।