“शांति को कमजोरी न समझें, आतंकवाद को पनाह देने वालों से संवाद नहीं
New Delhi
नई दिल्ली (28 सितंबर 2026) भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देने वाली ताकतों को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में आगाह करते हुए स्पष्ट किया है कि भारत शांतिप्रिय देश है, लेकिन इसे उसकी दुर्बलता समझने की भूल कतई न की जाए। नई दिल्ली में आयोजित एक रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने सख्त संदेश दिया कि जब भी देश की सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर कोई आंच आएगी, भारत उसकी रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को खुली चेतावनी देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। सरकारी नीति के तहत आतंकवाद को संरक्षण और पनाह देने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी राष्ट्र के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता। हाल ही में संपन्न एससीओ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख का हवाला देते हुए उन्होंने दोहराया कि सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत को आत्मरक्षा में हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित है।
इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने आंतरिक एकजुटता पर बल देते हुए आगाह किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सशस्त्र बलों का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने देशवासियों से जाति, धर्म, पंथ, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर व्यक्तिगत हितों की जगह राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया, ताकि राष्ट्रविरोधी ताकतों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।