वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़, 11 तस्कर गिरफ्तार
New Delhi
नई दिल्ली (2 अकतूबर 2026) डीआरआई (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने महाराष्ट्र में खुफिया इनपुट के आधार पर तीन ताबड़तोड़ अभियान चलाकर संरक्षित वन्यजीवों और उनके अंगों की अवैध तस्करी की कोशिशों को नाकाम कर दिया है। इन कार्रवाइयों में कुल 11 तस्करों को दबोचा गया है, जिनके कब्जे से हाथी दांत से बनी वस्तुएं, तेंदुए की खाल, 3 किलो बाघ की हड्डियां, बाघ के दो कैनाइन दांत और दो जीवित पैंगोलिन बरामद किए गए हैं।
हाथी दांत के सौदागर
हाथी दांत के अवैध व्यापार की पुख्ता सूचना पर डीआरआई(DRI) अधिकारियों ने फर्जी ग्राहक (डिकॉय ऑपरेशन) बनकर जाल बिछाया। इस कार्रवाई में बारीक नक्काशी वाली हाथी दांत की चार वस्तुओं समेत तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 49B के तहत हाथी दांत का बिना लाइसेंस व्यापार पूर्णतः प्रतिबंधित है। बरामद सामग्री और आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है।
संयुक्त छापेमारी
26-27 सितंबर 2026 को अल्लापल्ली वन क्षेत्र में DRI, वन विभाग, WCCB मुंबई और USTR एंटी-पोचिंग यूनिट ने मिलकर एक बड़ा संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस दौरान संदिग्ध तस्करी नेटवर्क से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 3 किलोग्राम बाघ की हड्डियां और दो कैनाइन दांत, एक जीवित वयस्क पैंगोलिन और एक जीवित पैंगोलिन का बच्चा बरामद किया ।
याद रहे कि बाघ और पैंगोलिन दोनों ही भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त जीव हैं। साथ ही, पैंगोलिन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन CITES के परिशिष्ट I में सूचीबद्ध है, जिसके चलते इसके वैश्विक व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है।
तस्करी के इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय संपर्कों की पड़ताल के लिए आगे की कानूनी जांच जारी है।