बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता
New Delhi
नई दिल्ली( 7 अगस्त 2026) राज्यसभा में पारित किए गए एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) से जुड़े एक महत्वपूर्ण बिल में तकनीकी त्रुटि के चलते ‘सर्विस’ (सेवा) क्षेत्र के छूट जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। आज के दौर में जब सर्विस सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है और करोड़ों युवा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं, ऐसे में बिल की धारा-2 में केवल ‘गुड्स’ (वस्तुओं) को शामिल किए जाने और ‘सर्विस’ शब्द को छोड़ दिए जाने पर गहरी चिंता जताई गई है।
“सर्विस” शब्द के दायरे में कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट, आईटी और सॉफ्टवेयर, आर्किटेक्ट, इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी, लीगल व टैक्स सर्विसेज, एजुकेशन, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स जैसी अनेकों महत्वपूर्ण सेवाएं आती हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाले असंख्य युवा और स्टार्टअप्स एमएसएमई इकोसिस्टम का अहम हिस्सा हैं। यदि यह शब्द बिल में शामिल नहीं होता, तो सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्यमी सरकारी योजनाओं और लाभों से वंचित रह सकते हैं।
इस गंभीर त्रुटि को दूर कराने के लिए बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने स्थानीय सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान से मुलाकात कर इस विसंगति से उन्हें विस्तार से अवगत कराया और निवेदन किया कि वे लोकसभा में इस विषय को मजबूती से उठाएं।
सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान की पहल पर मंत्री का सकारात्मक रुख
सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने इस विषय की गंभीरता को समझते हुए आश्वासन दिया था कि वे इसे संसद या संबंधित मंत्री के समक्ष जरूर रखेंगे। हालांकि लोकसभा में इस बिल पर चर्चा नहीं हो सकी, फिर भी अपना वादा निभाते हुए डॉ. सांगवान ने तत्काल एक मजबूत सिफारिशी पत्र केंद्रीय एमएसएमई कैबिनेट मंत्री जीतन राम मांझी के समक्ष प्रस्तुत किया।
माननीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने इस सुझाव पर बेहद सकारात्मक रुख दिखाया और आश्वस्त किया कि वे इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक संशोधन की दिशा में कदम उठाएंगे।
आत्मनिर्भर भारत की राह होगी आसान
इस सकारात्मक परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्माण क्षेत्र से जुड़े साथियों और संपूर्ण सर्विस सेक्टर के युवाओं की ओर से सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने विश्वास जताया है कि यदि एमएसएमई बिल की धारा-2 में ‘सर्विस’ शब्द को आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया जाता है, तो देश के अनगिनत युवा उद्यमियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में और अधिक मजबूती से अपना योगदान दे सकेंगे।
रविन्द्र त्यागी (अध्यक्ष, बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया)