कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को अपना पहला स्वर्ण पदक मिल गया है। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने ग्लासगो में 48 किलोग्राम वर्ग में 190kg कुल भार के साथ स्वर्ण पदक जीता और नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाया।
31 वर्षीय मीराबाई चानू ने स्नैच में 85kg और क्लीन एंड जर्क में 105kg भार उठाकर कुल 190kg का प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया और अपने ही पिछले कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
यह मीराबाई चानू का लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था।
मीराबाई चानू ने मैच से पहले कहा था कि वह एशियाई गेम्स के लिए कुछ बचाकर रख रही हैं। उन्होंने कहा, “मैं कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी पूरी क्षमता नहीं लगाऊंगी। मेरा फोकस एशियाई गेम्स पर है, जो बहुत नजदीक हैं।”
फाइनल में मीराबाई चानू ने अपनी पहली स्नैच लिफ्ट में कुछ परेशानी फेली, लेकिन दूसरे प्रयास में 82kg उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। तीसरे प्रयास में 85kg उठाकर उन्होंने कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
क्लीन एंड जर्क में नाइजीरिया की रुथ न्योंग ने 93kg उठाकर दबाव बनाया, लेकिन मीराबाई ने 105kg उठाकर स्वर्ण पदक सुरक्षित कर लिया। लिफ्ट से पहले उन्होंने जोर से चीख लगाई, जिससे भारतीय दल में जोश भर गया।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल के लिए यह एक शानदार शुरुआत है। भारत इस टूर्नामेंट में कई अन्य पदकों की उम्मीद कर रहा है, विशेष रूप से बैडमिंटन, शूटिंग और कुश्ती जैसे खेलों में।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीराबाई चानू को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने भी मीराबाई को बधाई दी है।