नई दिल्ली, 21 जुलाई। दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान और चिपचिपी गर्मी के बाद मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों का वातावरण काफी सुहावना हो गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
मौसम में आए इस बदलाव का सबसे अधिक असर सुबह और शाम के समय देखने को मिला। ठंडी हवाओं के कारण पार्कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई। कई परिवारों ने बारिश के बाद खुले मौसम का आनंद लिया, जबकि बच्चों ने भी बारिश में भीगकर मौसम का स्वागत किया। लंबे समय बाद राजधानी में ऐसा मौसम देखने को मिला जब लोगों को एयर कंडीशनर और कूलर पर निर्भरता कुछ कम करनी पड़ी।
बारिश का असर राजधानी की सड़कों पर भी दिखाई दिया। कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को सुबह के समय ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर पानी भरने से छोटी गाड़ियां निकलने में परेशानी हुई, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। ट्रैफिक पुलिस लगातार विभिन्न मार्गों की निगरानी करती रही और जहां आवश्यक हुआ वहां यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा गया।
नगर निगम और संबंधित विभागों ने जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए पंपों का उपयोग शुरू किया। कई इलाकों में कर्मचारियों को नालियों की सफाई करते हुए देखा गया ताकि बारिश का पानी जल्दी निकल सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में लगातार बारिश होती है तो जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही विशेष टीमें तैनात कर दी गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम के कारण दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या दोबारा उत्पन्न हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के बाद तापमान में अचानक बदलाव के कारण सर्दी, खांसी, वायरल बुखार और संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनने, साफ पानी पीने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से मौसम में होने वाले बदलाव से बचाने की सलाह दी गई है।
बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और नियमित रूप से सफाई बनाए रखें। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और आवश्यकतानुसार रिपेलेंट लगाने की सलाह दी गई है।
व्यापारिक गतिविधियों पर भी बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिला। जहां खुले बाजारों में कुछ समय के लिए ग्राहकों की संख्या कम हुई, वहीं बारिश रुकने के बाद लोगों की भीड़ फिर से बढ़ गई। चाय, पकौड़े और गर्म खाद्य पदार्थों की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। कई दुकानदारों का कहना है कि सुहावने मौसम के कारण शाम के समय बाजारों में रौनक बढ़ गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर होने वाली बारिश पर्यावरण के लिए भी लाभदायक होती है। इससे हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण कम हो जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। पेड़-पौधों को भी पर्याप्त नमी मिलती है और शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ने में मदद मिलती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा होने पर जलभराव और यातायात जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं, जिनसे निपटने के लिए मजबूत शहरी व्यवस्था आवश्यक होती है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और खराब मौसम में विशेष सावधानी बरतें। बिजली गिरने या तेज आंधी की स्थिति में खुले मैदानों में न रुकें और सुरक्षित स्थान पर शरण लें। आने वाले दिनों में मौसम के और सक्रिय रहने की संभावना को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।