नई दिल्ली, 21 जुलाई। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी Cockroach Janta Party (CJP) का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों और तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद अब आंदोलन का फोकस सरकार के साथ बातचीत और आगे की रणनीति पर आ गया है। प्रदर्शनकारी संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। वहीं सरकार की ओर से भी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिशें जारी हैं।
सोमवार देर शाम केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और CJP प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक बैठक हुई। बैठक में प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के लिए पारदर्शी व्यवस्था और अपनी अन्य मांगों को सरकार के सामने रखा। बैठक के बाद CJP नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने उनकी बात सुनी है और आगे भी वार्ता जारी रखने पर सहमति बनी है। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल बातचीत से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि मांगों पर ठोस कार्रवाई के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा।
जंतर-मंतर पर मंगलवार सुबह से ही प्रदर्शनकारी फिर एकत्र होने लगे। बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की गई है। मंच से लगातार लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने का आह्वान किया गया। आंदोलन के आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत कर दी है। अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी निगरानी के जरिए पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन अब केवल एक विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह युवाओं के मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। संसद के मानसून सत्र के दौरान इस आंदोलन ने राजनीतिक हलकों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा है, जबकि सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक दायरे में रहकर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाएगा।
आंदोलन के अगले चरण को लेकर सभी की नजरें सरकार और CJP के बीच होने वाली संभावित अगली वार्ता पर टिकी हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो गतिरोध खत्म होने की संभावना बन सकती है। फिलहाल जंतर-मंतर पर धरना जारी है और राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।