अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों पर 20% टोल लगाने और ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी बहाल करने की घोषणा की है। इस कदम से वैश्विक तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है, क्योंकि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% इसी मार्ग से होता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान इस रणनीतिक जलडमरूमध्य का सैन्यीकरण न कर सके।
इस घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि टोल लागू होने के बाद तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे मुद्रास्फीति बढ़ सकती है और आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है। भारत सरकार ने स्थिति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। ट्रंप के इस फैसले की अंतरराष्ट्रीय समुदाय में मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ देशों ने इसका समर्थन किया है जबकि कई ने चिंता जताई है कि इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा।