होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच एक भारतीय नाविक की मौत की दुखद घटना सामने आई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि ईरान द्वारा दो व्यापारिक जहाजों — MT अल बहिया और MT मोम्बासा — पर हमला किया गया। इन दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 30 भारतीय नाविक थे। MT अल बहिया पर सवार 12 भारतीयों में से एक की दुखद मौत हो गई जबकि दूसरा घायल हो गया है।
भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए ईरानी दूतावास को तलब किया और विरोध दर्ज कराया। MEA प्रवक्ता ने कहा कि भारत इस तरह के हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और वह अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। इसके जवाब में भारत सरकार ने भारतीय चालक दल वाले जहाजों की वास्तविक समय पर निगरानी शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि जुलाई की शुरुआत में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कुछ जहाजों पर मिसाइल हमले किए थे। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक शिपिंग मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% संचालित होता है और इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।