एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार भारत में स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के बीच जनरेटिव AI (Gen AI) सुविधाओं का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 71% भारतीय उपयोगकर्ता जनरेटिव AI सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है। इसके अलावा, 59% उपभोक्ता नया फोन खरीदते समय AI क्षमताओं को प्राथमिकता देते हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि AI स्मार्टफोन खरीदने के प्रमुख फैक्टर के रूप में उभर रहा है।
स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां AI सुविधाओं पर भारी निवेश कर रही हैं। गूगल, सैमसंग, श्याओमी और वीवो जैसी कंपनियां अपने उपकरणों में AI-संचालित फीचर्स जैसे कि रियल-टाइम भाषा अनुवाद, AI इमेज एडिटिंग, वॉयस असिस्टेंट और स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट शामिल कर रही हैं। एप्पल ने भी हाल ही में अपने ऐपल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के साथ AI क्षेत्र में प्रवेश किया है। भारतीय बाजार में 10,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन में भी AI सुविधाएं दी जाने लगी हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय उपयोगकर्ता AI का उपयोग मुख्य रूप से फोटो संपादन, आवाज सहायक, टेक्स्ट सारांश और भाषा अनुवाद के लिए कर रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो-तीन वर्षों में AI स्मार्टफोन की सबसे अहम विशेषता बन जाएगा और जो कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश नहीं करेंगी, वे पीछे रह जाएंगी। भारत सरकार भी AI को बढ़ावा देने के लिए नीतियां बना रही है और इंडियाAI मिशन के तहत इस क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।