New Delhi
नई दिल्ली (5 नवंबर 2026)अमेरिकी मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों के निराशाजनक नतीजों ने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भारी उथल-पुथल मचा दी है। उम्मीद के विपरीत आए कमजोर प्रदर्शन के बाद अब पार्टी के शीर्ष नेताओं और रणनीतिकारों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एकतरफा राजनीतिक दबदबे पर लगाम कसने की ठोस रणनीति तैयार कर ली है।
पार्टी का एक बड़ा धड़ा इस बात से नाराज है कि ट्रंप द्वारा समर्थित कई विवादित और कट्टर उम्मीदवारों को मतदाताओं ने सिरे से खारिज कर दिया, जिससे रिपब्लिकन पार्टी संभावित बड़ी बढ़त से चूक गई।
पार्टी के रणनीतिकारों और दानदाताओं (डोनर्स) का मानना है कि ट्रंप की विभाजनकारी राजनीति पार्टी के भविष्य को नुकसान पहुंचा रही है। अब बैकस्टेज चर्चाएं तेज हो गई हैं कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में ट्रंप के विकल्प के रूप में नए, संतुलित चेहरों को आगे बढ़ाया जाएस पार्टी संगठन से लेकर सीनेट तक, ट्रंप के प्रभाव को सीमित करने और उनके दखल को रोकने के लिए आंतरिक लामबंदी तेज हो गई है।
जानकारों का मानना है कि इन चुनावी नतीजों ने पार्टी पर ट्रंप की मजबूत पकड़ को कमजोर कर दिया है, और आने वाले दिनों में रिपब्लिकन राजनीति में शक्ति संतुलन का एक नया दौर देखने को मिल सकता है।