New Delhi
नई दिल्ली (6 नवंबर 2026)वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज, 6 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रायसीना रोड पर राष्ट्रीय मीडिया केंद्र से राष्ट्रव्यापी ‘डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) अभियान 5.0’ का औपचारिक शुभारंभ किया।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा संचालित यह व्यापक अभियान 30 नवंबर 2026 तक पूरे देश में चलाया जाएगा।
‘फेस ऑथेंटिकेशन‘ से आसान होगी प्रक्रिया
इस महीने भर चलने वाले अभियान के तहत देश के 2,000 से अधिक शहरों और कस्बों को कवर किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल तकनीक विशेष रूप से ‘जीवन प्रमाण’ ऐप के जरिए चेहरा प्रमाणीकरण (Face Authentication) का उपयोग कर पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को पूरी तरह कागजरहित, सुलभ और निर्बाध बनाना है।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को प्राथमिकता
अभियान की रूपरेखा विशेष रूप से उन पेंशनभोगियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो अस्वस्थता या उम्र के कारण केंद्रों तक आने में असमर्थ हैं:
80 वर्ष और उससे अधिक आयु के अति-वरिष्ठ पेंशनभोगियों, महिला पेंशनभोगियों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे नागरिकों को प्राथमिकता दी जा रही है।
ऐसे पेंशनभोगियों के लिए उनके घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने की विशेष व्यवस्था की गई है।
मंत्रालयों और संस्थाओं का साझा प्रयास
यह महा-अभियान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), UIDAI, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), पेंशनभोगी कल्याण संघों, राज्य सरकारों, रक्षा, रेल व डाक मंत्रालयों, दूरसंचार विभाग और ईपीएफओ (EPFO) के संयुक्त समन्वय से संचालित हो रहा है।
शुभारंभ समारोह के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘डीएलसी अभियान 4.0’ की उपलब्धियों और पहलों को संकलित करने वाली एक विशेष कम्पेंडियम बुकलेट तथा कॉफी टेबल ई-बुक का विमोचन भी किया।