ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल का प्रदर्शन शानदार रहा है। मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है, और भारत कई अन्य खेलों में भी पदकों की उम्मीद कर रहा है।
मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में 190kg कुल भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता और नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाया। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक है।
बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें हैं। पीवी सिंधु और एचएस प्रणव जैसे खिलाड़ी अपने-अपने वर्ग में पदक के दावेदार हैं। शूटिंग में भी भारतीय निशानेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
कुश्ती में भारतीय पहलवानों ने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इस बार भी भारतीय कुश्ती दल से कई पदकों की उम्मीद है। बॉक्सिंग में भी भारतीय मुक्केबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में काफी सुधार किया है। शरत कमल और मणिका बत्रा जैसे खिलाड़ी अपने खेल के शिखर पर हैं।
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने बताया कि इस बार का दल पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स की तुलना में बड़ा और मजबूत है। भारत ने 2018 गोल्ड कोस्ट में 66 पदक जीते थे और 2022 बर्मिंघम में 61 पदक।
खेल मंत्रालय ने खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान की है। प्रशिक्षण शिविर, विदेशी कोच और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि भारतीय खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।