Lucknow
लखनऊ (1 जून 2026) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्य के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस दौरान 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में प्रदेश के सभी 75 जनपदों में ‘टॉप 10’ में जगह बनाने वाले कुल 223 छात्र-छात्राओं को मेडल, प्रशस्ति पत्र और टैबलेट देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ सम्मान समारोह आयोजित किए गए। खास बात यह रही कि इस महा-सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अलावा सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के टॉपर्स भी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन सभी मेधावियों के लिए एक यादगार उत्सव बन गया।
“परीक्षाएं परेशान करने के लिए नहीं, आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए”
समारोह में अपने चिरपरिचित और ओजस्वी अंदाज में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया। सीएम ने कहा:
“परीक्षाएं छात्र-छात्राओं को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करने के लिए होनी चाहिए। माता-पिता ही बच्चे के पहले गुरु होते हैं।”
उन्होंने अभिभावकों को सलाह देते हुए कहा कि अगर बच्चा रो रहा है, तो कुछ देर उसे रोने दें, लेकिन उस पर मानसिक दबाव बनाने के बजाय उसे किसी ऐसी गतिविधि में व्यस्त करें जिससे उसका रचनात्मक (Creative) विकास हो सके।
“इंटरव्यू में फॉलोअर्स नहीं पूछे जाते”
मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को स्मार्टफोन न देने की सख्त हिदायत दी। इसके साथ ही उन्होंने मंच से छात्रों से भी एक खास अपील की
छात्र अपने माता-पिता पर स्मार्टफोन दिलवाने का अनुचित दबाव न बनाएं। सरकार ने जो टैबलेट दिए हैं, उनका रचनात्मक उपयोग करें।
सोशल मीडिया का उपयोग कम से कम करें। याद रखें, भविष्य में जब आप किसी इंटरव्यू में जाएंगे, तो वहां आपके ‘फॉलोअर्स’ की संख्या नहीं पूछी जाएगी, बल्कि आपका ज्ञान और व्यक्तित्व देखा जाएगा।
अपनी सामान्य जानकारी और ज्ञान को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से अखबार पढ़ें और ज्ञानवर्धक समाचार देखें।
छात्रों को भविष्य में निरंतर आगे बढ़ने का गुरुमंत्र देते हुए सीएम योगी ने सचेत किया कि वे कभी भी इस भ्रम में न रहें कि वे ‘सबकुछ जानते हैं’। उन्होंने जोर देकर कहा कि “मैं सबकुछ जानता हूँ” का यह अति-आत्मविश्वास और भ्रम ही इंसान की असफलता का सबसे बड़ा कारण बनता है। हमेशा एक शिक्षार्थी (Learner) बने रहें और नया सीखने की ललक बनाए रखें।
यह समारोह प्रदेश के युवाओं के लिए न केवल एक सम्मान था, बल्कि उनके सुनहरे भविष्य के लिए एक मार्गदर्शक सत्र भी साबित हुआ।