तटीय सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी क्षमता को मिली नई ताकत
New Delhi
नई दिल्ली (6 नवंबर 2026) ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता में स्वदेशी तकनीक से निर्मित अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘अमिनी’ 5 नवंबर, 2026 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।
80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटकों से तैयार यह युद्धपोत देश के बढ़ते घरेलू रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम और रक्षा आयात पर घटती निर्भरता का सशक्त प्रमाण है।
इसकी प्रमुख विशेषताओं में ‘अत्याधुनिक मारक क्षमता आईआरएस (IRS) वर्गीकरण नियमों के अनुरूप निर्मित यह पोत आधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उन्नत सोनार प्रणाली से सुसज्जित है।
बेजोड़ सुरक्षा यह जलज्वारीय युद्धपोत पानी के नीचे छिपे खतरों को भांपने, तटीय निगरानी करने और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने में नौसेना की क्षमताओं को कई गुना बढ़ाएगा।
गौरवशाली विरासत की वापसी लक्षद्वीप के ‘अमिनी’ द्वीप पर नामित यह पोत वर्ष 2002 में सेवामुक्त हुए पूर्ववर्ती ‘आईएनएस अमिनी’ (पेट्या तृतीय श्रेणी) की अगली पीढ़ी के रूप में नौसेना की विशिष्ट विरासत को आगे बढ़ा रहा है।
‘अमिनी’ का भारतीय नौसेना में शामिल होना समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने और मेक-इन-इंडिया अभियान को नई गति देने वाला कदम है।