जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों का संघर्ष रंग लाया

प्रशासन ने मानीं मांगें 

New Delhi नई दिल्ली( 30 अक्तूबर 2026)  जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों की ज़िद और लंबे संघर्ष को एक ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन के छात्रों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद पिछले कई दिनों से चल रही भूख हड़ताल आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दी गई है। इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि विश्वविद्यालय में दो दशकों से बंद पड़े छात्र संघ (Student Union) चुनावों की बहाली पर लगी आधिकारिक मुहर है।

20 साल बाद लोकतंत्र की वापसी
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले 20 वर्षों से छात्र संघ चुनाव लंबित थे। छात्र लंबे समय से परिसर में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और अपनी आवाज को मजबूत करने के लिए चुनावों की मांग कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस ताजा फैसले के बाद अब कैंपस में चुनावी सरगर्मियां लौटने का रास्ता साफ हो गया है, जिसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

जश्न का माहौल
मांगों पर सहमति बनने और प्रशासन के आधिकारिक आश्वासन दिए जाने के बाद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जूस पिलाकर भूख हड़ताल तुड़वाई गई। जैसे ही प्रशासन के फैसले की घोषणा हुई, पूरा परिसर नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। छात्रों ने एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया।

छात्रों ने जताया आभार
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल एक हड़ताल की समाप्ति नहीं, बल्कि जामिया के हर उस छात्र के विश्वास की जीत है जो लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए डटा रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्र संघ चुनावों के लिए आवश्यक प्रक्रिया और चुनावी रूपरेखा जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना के जरिए साझा की जाएगी।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *