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VIDEO: सोनम वांगचुक ने जमकर की भारतीय रेलवे की तारीफ, एंटी पेपर लीक बिल पर बोले- मैं खुश हूं…

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक श्रीनगर से लद्दाख के लिए रवाना हो गए हैं। बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर जारी कर एक वीडियो में उन्होंने जानकारी दी कि नई दिल्ली से वह ट्रेन के जरिए श्रीनगर पहुंचे और वहां एक दिन विश्राम किया।

सोनम वांगचुक ने X पर पोस्ट किए वीडियो में भारतीय रेलवे की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत से उनका श्रीनगर तक का सफर खूबसूरत रहा।

उन्होंने कहा, “हम रेल गाड़ी से निकले, जो कि मेरा सबसे पसंंदीदा यातायात है और जो दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत की सुविधा शुरू की गई है, उस पर मेरा पहला अनुभव था, और चिनाब पर बने पुल को भी देखना चाहता था। बहुत ही खूबसूरत अनुभव रहा, बहुत गर्व है मुझे भारतीय रेल पर…”

‘एंटी पेपर लीक बिल पर भी की बात’

सोनम वांगचुक ने अपने इस वीडियो में लोकसभा से पास हुए एंटी पेपर लीक बिल पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वो परीक्षाओं में सुधार पर लाए गए बिल से खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि सुधार सिर्फ परीक्षाओं में ही नहीं, शिक्षा प्रणाली में भी होगा।

इस दौरान उन्होंने सरकार से अपील की कि वो उनके और सीजेपी के साथ हुए समझौतों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न करे।

उन्होंने कहा, “…जो समझौते हुए थे, पहले मेरे साथ लिखित में और फिर सीजेपी के साथ कि वो प्रदर्शन में जो छात्र थे, उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे, FIRs नहीं करेंगे, उस पर कायम रहें, पालन करें और देश में खासकर युवा पीढ़ी में एक भरोसे का माहौल बनाएं और सब मिलकर राष्ट्र निर्माण और महान भारत बनाने में जुट जाएंं।”

अभिजीत दीपके ने कहा- प्रदर्शनकारी आतंकवादी नहीं, उन्हें परेशान न किया जाए

अभिजीत दीपके ने बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों को परेशान करना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने रवैये में बदलाव नहीं लाती है, तो युवा सरकार को बदल देंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

यह भी पढ़ें: लोकसभा से पारित एंटी पेपर लीक बिल की क्या हैं विशेषताएं? आसान शब्दों में यहां पढ़ें

बिल के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित तरीकों में शामिल पाए गए लोगों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल का कारावास काटना पड़ सकता है और उन पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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