श्रावण मास में शिवभक्तों द्वारा निकाली जाने वाली कांवड़ यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए ग़ाज़ियाबाद जिला प्रशासन ने तीन आईएएस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। इन अधिकारियों में शुक्ला, सिंह और द्विवेदी शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि शुक्ला को दिल्ली-मेरठ मार्ग की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। सिंह को कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि द्विवेदी को राहत और चिकित्सा शिविरों की देखरेख का काम सौंपा गया है।
तीनों आईएएस अधिकारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है और संबंधित क्षेत्रों का दौरा करना शुरू कर दिया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं।
शुक्ला ने बताया कि दिल्ली-मेरठ मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था ठीक से की गई है। भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू है और छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं।
सिंह ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर 1500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सभी प्रमुख चौराहों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
द्विवेदी ने बताया कि शहर में 50 से अधिक राहत शिविर और 30 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। पानी, भोजन और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
तीनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि उनका उद्देश्य कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना है। वे लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
ग़ाज़ियाबाद के नागरिकों और कांवड़ियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और नियमों का पालन करें।
कांवड़ यात्रा 12 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान तीनों अधिकारी लगातार ग़ाज़ियाबाद में तैनात रहेंगे।