संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन सोमवार को NEET परीक्षा सुधारों को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
लोकसभा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने NEET सुधार विधेयक को लेकर चर्चा की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि सरकार के नए सुधारों से ग्रामीण और गरीब छात्रों के साथ भेदभाव होगा।
सरकार ने पिछले सप्ताह NEET में सुधार का प्रस्ताव पेश किया था जिसमें परीक्षा पैटर्न में बदलाव, ऑनलाइन मोड और मल्टिपल एग्जाम साइकिल शामिल हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सदन में कहा कि सरकार NEET सुधारों पर सभी हितधारकों से परामर्श कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि सरकार NEET के नाम पर शिक्षा का निजीकरण कर रही है।
अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी। अंततः दोनों सदनों को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र में विपक्ष का यह आक्रामक रुख आगे भी जारी रह सकता है।
विपक्षी दलों ने संयुक्त रणनीति बनाने के लिए बैठक करने की भी योजना बनाई है। अगले सप्ताह बड़ा आंदोलन होने की भी संभावना है।