प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 42वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था के रूप में विश्व के सामने एक नई मिसाल पेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भारत का कुल निर्यात 800 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार करने वाला है।
इस मेले में 40 से अधिक देशों की कंपनियां भाग ले रही हैं और 5000 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए हैं। विशेष रूप से इस बार भारतीय हस्तशिल्प, वस्त्र और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मोदी ने कहा, भारत ने पिछले दशक में व्यापार और निवेश के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और आने वाले वर्षों में हम शीर्ष 10 देशों में शामिल होंगे।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार इस मेले में पहले दिन ही 2000 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। विशेष रूप से कृषि निर्यात, फार्मास्युटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़े समझौते शामिल हैं।
मेले में भाग लेने वाले विदेशी प्रतिनिधियों ने भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति की प्रशंसा की। जापान, जर्मनी और फ्रांस के प्रतिनिधियों ने भारतीय बाजार में निवेश की अपनी योजनाओं की जानकारी दी।
प्रगति मैदान में आयोजित इस मेले की थीम इस बार आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक कल्याण रखी गई है। मेले में विशेष रूप से स्टार्टअप इंडिया पवेलियन भी स्थापित किया गया है जहां 500 से अधिक स्टार्टअप अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह मेला 10 अगस्त तक चलेगा और इसमें आम जनता के लिए भी प्रवेश की अनुमति होगी। मंत्रालय का अनुमान है कि इस बार मेले में 15 लाख से अधिक आगंतुक आएंगे।
उल्लेखनीय है कि भारत इस समय दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा गया है।