कोलकाता पुलिस ने शनिवार, 26 जुलाई को 24 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पत्रकारों पर हमले के सिलसिले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कुनाल अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी लोग छात्र नहीं हैं।
अग्रवाल ने कहा, “हिंसा और पत्रकारों पर हमले के सिलसिले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कोई भी छात्र नहीं है। ये सभी परेशानी खड़ी करने वाले लोग हैं जो सीजेपी रैली में मौजूद थे और तोड़फोड़ में शामिल थे।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिकारी ने एक्स पर लिखा, “मैं कोलकाता में आज हुई पुलिसकर्मियों और पत्रकारों पर बदमाशों द्वारा किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा करता हूं। कई घायल पत्रकार फिलहाल एसएसकेएम अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।”
NEET पेपर लीक के विरोध में कोलकाता में 24 जुलाई को कई विरोध प्रदर्शन हुए थे। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) ने NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया, जिस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बोतलें फेंकीं।
पश्चिम बंगाल में NEET प्रदर्शनों के दौरान कई हिंसक घटनाएं हुई हैं। पुलिस ने 7 एफआईआर दर्ज की हैं और 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे घायल पत्रकारों को सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करें।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और पश्चिम बंगाल सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।