रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने हाल ही में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में इन उपलब्धियों का जिक्र किया।
पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट एक उन्नत, सटीक निर्देशित आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली है, जिसकी अधिकतम मारक क्षमता लगभग 120 किलोमीटर है और न्यूनतम सीमा 60 किलोमीटर है। यह भारत में ही स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
कुशा मिसाइल का परीक्षण भी कुछ दिन पहले किया गया था। यह मिसाइल भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के सामूहिक परिश्रम से यह सफलता हासिल की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज रक्षा उत्पादन हो, रक्षा निर्यात हो या मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग हो, भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। इंडोनेशिया में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए बड़ा समझौता हुआ है।
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, पिनाका प्रणाली का यह नवीनतम संस्करण भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इसकी सटीकता और मारक क्षमता इसे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ रॉकेट प्रणालियों में से एक बनाती है।
कुशा मिसाइल भारत की वायु रक्षा प्रणाली का हिस्सा है और यह दुश्मन के मिसाइलों और विमानों को रोकने में सक्षम है। इसके सफल परीक्षण से भारत की वायु रक्षा क्षमताएं और मजबूत हुई हैं।
डीआरडीओ पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों का विकास कर चुका है। अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल और तेजस लड़ाकू विमान जैसी परियोजनाएं भारत की रक्षा तकनीक में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत निजी कंपनियों को रक्षा उत्पादन में शामिल किया जा रहा है, जिससे भारतीय रक्षा उद्योग को नई गति मिली है।