नई दिल्ली, 21 जुलाई। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी Cockroach Janta Party (CJP) के आंदोलन को अब देश के कई राज्यों से समर्थन मिलने लगा है। दिल्ली में प्रदर्शन जारी रहने के साथ-साथ महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के विभिन्न शहरों में भी छात्रों और युवाओं ने एकजुटता प्रदर्शन किए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल दिल्ली तक सीमित आंदोलन नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान बन चुका है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार को भी प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। भारी बारिश के बावजूद लोगों ने धरना स्थल नहीं छोड़ा और पूरे दिन शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन जारी रखा। कई प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील करते दिखाई दिए। आयोजकों ने बार-बार मंच से घोषणा की कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और सभी प्रतिभागियों से कानून का पालन करने की अपील की गई।
आंदोलन के नेतृत्व ने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से अब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिला है। उनका कहना है कि जब तक प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने देशभर के छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन जारी रखने की अपील की।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी बनाए रखी है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और वाहनों की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
प्रदर्शन स्थल पर स्वयंसेवकों ने भोजन, पानी और प्राथमिक उपचार जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था संभाल रखी है। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए टेंटों और मंच की मरम्मत भी की गई ताकि धरना बिना किसी व्यवधान के जारी रह सके। कई सामाजिक संगठनों ने भी प्रदर्शनकारियों को आवश्यक सामग्री और सहयोग उपलब्ध कराया।
इस बीच राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील की है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से बातचीत के लिए उसके दरवाजे खुले हैं। हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी तक किसी अंतिम सहमति की घोषणा नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंदोलन अब केवल एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन नहीं रहा, बल्कि देशभर के युवाओं के बीच शिक्षा, रोजगार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा का कारण बन गया है। यदि आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सकारात्मक बातचीत होती है तो गतिरोध समाप्त होने की संभावना बन सकती है। वहीं यदि समाधान नहीं निकलता, तो आंदोलन का दायरा और बढ़ सकता है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। दिल्ली पुलिस लगातार हालात की निगरानी कर रही है और लोगों से अपील कर रही है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें। आने वाले दिनों में सरकार और CJP के बीच संभावित वार्ता तथा आंदोलन की अगली रणनीति पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।