विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) और लुइस बिजनेस स्कूल (LBS) द्वारा जारी वर्ल्ड इंटैंजिबल इन्वेस्टमेंट हाइलाइट्स (WIIH) 2026 रिपोर्ट में भारत को वैश्विक इनोवेशन के क्षेत्र में एक उभरती हुई शक्ति के रूप में दर्शाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 15 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत अमूर्त निवेश वृद्धि में 7.9 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है।
अमूर्त निवेश (इंटैंजिबल इन्वेस्टमेंट) में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), सॉफ्टवेयर, डेटा, ब्रांड, डिजाइन और बौद्धिक संपदा जैसी संपत्तियां शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत में यह निवेश 2023 में करीब 78.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। भारत में सॉफ्टवेयर और डेटाबेस पर सबसे ज्यादा फोकस है, जो कुल अमूर्त निवेश का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा है – यह दुनिया में सबसे अधिक है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमूर्त निवेश 2025 में पहली बार 10 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। भारत के बाद जापान (4.8 प्रतिशत वृद्धि), फिलीपींस (4.6 प्रतिशत) और अमेरिका (4.4 प्रतिशत) का स्थान है। रिपोर्ट के अनुसार अमूर्त निवेश अब इन अर्थव्यवस्थाओं में जीडीपी का लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा है।
भारत सरकार ने देश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लिकेशन के लिए वैश्विक हब बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निवेश को दो तरंगों में तेज कर रहा है – पहली बुनियादी ढांचे आधारित तरंग (डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर) और दूसरी अमूर्त निवेश की व्यापक तरंग।