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नई दिल्ली (3जनवरी 2026) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सावित्रीबाई फुले की जयंती के मौके पर उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण किया, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सावित्रीबाई फुले समानता, न्याय और करुणा के सिद्धांतों के प्रति पूर्णतः समर्पित थीं। उनका दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है, और उन्होंने ज्ञान व शिक्षा के माध्यम से लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
उनके उल्लेखनीय योगदानों को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंचितों और हाशिए पर रहने वाले वर्गों की सेवा एवं देखभाल करते हुए किया गया उनका कार्य सेवा एवं मानवता का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका विज़न समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण के लिए राष्ट्र के प्रयासों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
अपने एक्स पर अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से मोदी ने लिखा “सावित्रीबाई फुले की जयंती पर हम एक ऐसी अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वह समानता, न्याय और करुणा के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है और उन्होंने ज्ञान व शिक्षा के माध्यम से जीवन को बदलने पर विशेष बल दिया।