सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद मामले में अदालत के आदेशों का पालन न करने पर कड़ी फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि समय रैना ने अदालत को “चक्कर में डाला” है और दोनों को “सेल्फ-स्टाइल यूथ आइकॉन” करार दिया। अदालत ने दोनों पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और दो सप्ताह में अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर इलाहाबादिया ने समय रैना के शो में अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद देशभर में कई FIR दर्ज की गईं। सीजेआई ने कहा कि ऐसा लगता है कि वे समझते हैं कि देश से बाहर होने के कारण अदालत की अधिकारिता उन पर लागू नहीं होती। उन्होंने कहा कि “अगर यह अहंकार नहीं है तो हमें ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी भी बदलनी पड़ेगी।” अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों को अपनी हरकतों का अंजाम भुगतना होगा और उन्हें अदालत के प्रति सम्मान दिखाना होगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी अदालत का समर्थन किया और कहा कि ये लोग “सेल्फ-प्रोक्लेम्ड सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर” हैं और असली आइकॉन नहीं हैं।