मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर नए उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। टिकट काटे जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने संयमित रुख अपनाते हुए इसे पार्टी का आंतरिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और वे पार्टी द्वारा सौंपी गई किसी भी जिम्मेदारी का निर्वहन करने को तैयार हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव सत्तारूढ़ भाजपा के लिए एक अहम परीक्षा साबित हो सकता है। दतिया सीट पर पिछले कई वर्षों से भाजपा का कब्जा है और यह पार्टी का गढ़ मानी जाती है। लेकिन टिकट वितरण को लेकर असंतोष के कारण सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है। विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश शुरू कर दी है और दावा कर रही है कि उसे इस उपचुनाव में जीत का पूरा भरोसा है।
नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और पहले कई बार विधायक व मंत्री रह चुके हैं। उनके समर्थकों ने पार्टी नेतृत्व से नरोत्तम मिश्रा पर पुनर्विचार करने की मांग की है। हालांकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी को ही टिकट मिलेगा और पार्टी उनके पीछे एकजुट है। उपचुनाव की तारीखों की घोषणा का अभी इंतजार है और उम्मीद है कि चुनाव आयोग जल्द ही इसकी घोषणा करेगा।