New Delhi
नई दिल्ली (15 अक्तूबर 2026) अमेरिका की धरती पर एक बार फिर घृणा और नस्लीय हिंसा का खतरनाक चेहरा सामने आया है। अनेरिका के इलिनॉय में श्री वेंकटेश्वर मंदिर में सामूहिक नरसंहार की एक बड़ी साजिश उस वक्त नाकाम हो गई, जब हमलावर की रायफल अचानक जाम हो गई। अगर यह तकनीकी खराबी न आती, तो अमेरिका के इतिहास में एक और खूनी अध्याय जुड़ सकता था। याद रहे इस समय नवरात्रों के चलते मंदिरों में भारी संख्या में श्र्द्धालुओं की मौजूदगी होती हैं।
घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हमलावर के पास एक आधुनिक रायफल और सैंकड़ों राउंड जिंदा गोलियां और नस्लभेदी सामग्री मौजूद थीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 19 वर्षीय एलेक्ज़ेंड्रस पापोराकिस को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावर के मन में भारतीयों और दक्षिण एशियाई समुदाय के प्रति गहरी नफरत और पूर्वाग्रह था। अमेरिकी जांच एजेंसी एफवीआई इस पूरे घटनाक्रम की जांच में लग गई है।
इस घटना के बाद से अमेरिका में रह रहे प्रवासी भारतीयों और हिंदू समुदाय के बीच गहरी दहशत और चिंता का माहौल है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका में हेट क्राइम्स (नफरत भरे अपराधों) की घटनाओं में लगातार इजाफा हुआ है। स्थानीय समुदाय के लोगों और धार्मिक संगठनों ने एक बार फिर प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और अल्पसंख्यक संस्थानों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं ने इस बड़ी त्रासदी के टलने पर ईश्वर का शुक्रिया अदा किया है, लेकिन साथ ही इस बात पर भी रोष व्यक्त किया है कि समाज में फैल रही नफरत अब धार्मिक स्थलों तक पहुंच चुकी है। अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं कि इस युवा के पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र था या यह किसी व्यक्तिगत घृणा का परिणाम था।