उज्बेक छात्रों के लिए ‘शास्त्री छात्रवृत्ति’ का ऐलान
New Delhi
नई दिल्ली (30 अगस्त 2026) अपनी उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने ताशकंद में शास्त्री स्मारक पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन और उनकी ऐतिहासिक विरासत को अत्यंत आदर और सम्मान के साथ याद किया जाता है।
शास्त्री स्मारक उसी प्रमुख मार्ग पर स्थित है, जिसका नाम लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखा गया है, इस स्मारक और सड़क के अलावा, ताशकंद में एक स्थानीय विद्यालय तथा भारतीय सांस्कृतिक केंद्र भी शास्त्री जी के नाम पर समर्पित हैं।
ओरिएंटल स्टडीज विश्वविद्यालय का दौरा और छात्रवृत्ति की घोषणा स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद, प्रधानमंत्री ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज का दौरा किया, जहां उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री और विश्वविद्यालय के रेक्टर ने उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालय के ‘महात्मा गांधी केंद्र’ में सक्रिय इंडोलॉजिस्ट (भारतीय विद्या विशेषज्ञों) और शोधार्थियों से सार्थक चर्चा की, यह विश्वविद्यालय भारतीय विषयों और हिंदी शिक्षण में अग्रणी रहा है। इस वर्ष यहां हिंदी शिक्षण के 80 वर्ष पूरे हो रहे हैं, दोनों देशों के गहरे संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने उज्बेक विद्यार्थियों के लिए हिंदी अध्ययन हेतु ‘लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृत्ति’ की घोषणा की।
सांस्कृतिक और भाषाई निकटता भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समानताएं गहरी हैं। उज्बेक और हिंदी भाषाओं में 3,000 से अधिक शब्द समान हैं, जिसके चलते स्थानीय विद्यार्थियों में हिंदी सीखने के प्रति विशेष उत्साह और रुचि देखी जा रही है।