New Delhi
नई दिल्ली (25 मई 2-26) भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच, आगामी 21 जून, 2026 को होने वाली नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। परीक्षा के सुचारू, निष्पक्ष और सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बड़ा कदम उठाया है।
केंद्रीय मंत्री ने देश भर के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपालों (LG) और प्रशासकों को पत्र लिखकर इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए विशेष सहयोग की मांग की है।
मौसम के कड़े तेवरों को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पत्र में उम्मीदवारों के स्वास्थ्य और सुविधा को सर्वोपरि रखने की अपील की है। उन्होंने सभी मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के जिला अधिकारियों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दें।
“वर्तमान में भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में परीक्षा संचालित करने वाले जिला अधिकारियों और सभी संस्थानों को उम्मीदवारों की सुविधा के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए उचित निर्देश जारी करने की कृपा करें।”
केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में विशेष रूप से कुछ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, ताकि तपती गर्मी में छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, सभी केंद्रों पर छात्रों के लिए पीने के साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो, परीक्षा हॉल में चालू हालत में पंखे और कूलर लगाए जाएं, परीक्षा केंद्र के बाहर अभिभावकों और छात्रों के रुकने के लिए शेड या छायादार जगह की व्यवस्था हो, परीक्षा केंद्रों पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, परीक्षा के दौरान पावर कट न हो, इसके लिए बैकअप और बिजली की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित की जाए, केंद्रों पर साफ-सुथरे शौचालयों के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पोर्टेबल टॉयलेट्स की भी व्यवस्था की जाए।
केंद्र सरकार ने इस पत्र के जरिए यह साफ कर दिया है कि परीक्षा की पारदर्शिता (Fairness) बनाए रखने के साथ-साथ इस बार छात्रों को भीषण मौसम की मार से बचाना भी एक बड़ी चुनौती है। राज्यों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि 21 जून को होने वाली इस री-एग्जाम को पूरी तरह से सफल और तनावमुक्त बनाया जा सके।
छात्रों के हित और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रधान ने सभी राज्य सरकारों से यह भी आग्रह किया कि परीक्षा के दिन, अर्थात् 21 जून को, अभ्यर्थियों के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
प्रधान ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राज्य नीट (एनईईटी) (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा के सुचारू, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
प्रधान ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राज्य नीट (एनईईटी) (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा के सुचारू, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।