Breaking News

Rainbow Trout पिथौरागढ़ “रेनबो ट्राउट” पालन के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा

New Delhi नई दिल्ली (20 अक्तूबर 2026) शीतजल मत्स्य(मछली)पालन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में केंद्रीय मत्स्य पालन सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। हाइब्रिड (प्रत्यक्ष व वर्चुअल) माध्यम से आयोजित इस बैठक में केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों, आईटीबीपी के आला अफसरों और स्थानीय ट्राउट पालकों ने भाग लिया।

इस बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. अभिलक्ष लिखी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की अनुकूल पारिस्थितिकी रेनबो ट्राउट पालन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने देशभर में 34 मत्स्य पालन क्लस्टर अधिसूचित किए हैं, जिनमें पिथौरागढ़ का ‘कोल्ड वाटर फिशरीज क्लस्टर’ विशेष महत्व रखता है।

समीक्षा के दौरान पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाँई ने जिले की उपलब्धियों का ब्योरा पेश करते हुए ट्राउट पालकों के लिए मजबूत बाजार संपर्क, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वहीं, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के मुख्य कार्यकारी डॉ. बी. के. बेहेरा ने उत्पादन-पूर्व से लेकर उत्पादन-पश्चात के अंतर को पाटने के लिए अगले पांच वर्षों का रोडमैप साझा किया।

इस महत्वपूर्ण मंथन में आईटीबीपी के एडीजी संजय कुमार गुंज्याल, मत्स्य पालन विभाग की संयुक्त सचिव गुंजन कृष्णा, आईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ. जे. के. जेना, एमपेडा अध्यक्ष पी. जवाहर, उत्तराखंड के मत्स्य निदेशक चंद्र सिंह धर्मशक्तू सहित नाबार्ड और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक में स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और ट्राउट उत्पादन को आधुनिक तकनीकों से नई गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *