मानवरहित तकनीक के लिए वायु सेना ने उद्योग जगत से मिलाया हाथ
New Delhi
नई दिल्ली (22 अक्तूबर 2026) नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारतीय वायु सेना (IAF) ने मानवरहित और स्वायत्त प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्योग संपर्क कार्यक्रम’ का आयोजन किया। एयर मार्शल प्रेमकुमार के. (महानिदेशक – हथियार प्रणालियां) की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में लगभग 100 ड्रोन कंपनियों, स्टार्टअप्स और MSME प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम के प्रमुख रुप से ‘ भविष्य का रोडमैप: वायु सेना ने पोखरण में जारी ‘मानवरहित एवं स्वायत्त प्रणालियां रोडमैप’ के आधार पर अपनी दीर्घकालिक परिचालन और तकनीकी प्राथमिकताओं को उद्योग जगत के सामने साझा किया।
स्वदेशी तकनीक पर जोर: आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए स्वदेशी प्रणोदन प्रणाली (Propulsion), स्वायत्त सॉफ्टवेयर, उन्नत नेविगेशन और मानकीकृत इंटरफेस के विकास को अनिवार्य बताया गया।
सशक्त रक्षा तंत्र: इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी तकनीकों पर निर्भरता घटाना और स्टार्टअप्स व उद्योगों के साथ मिलकर ऐसी स्वदेशी क्षमताएं तैयार करना है, जो लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
वायु सेना ने स्पष्ट किया कि मानवरहित तकनीक में आत्मनिर्भरता केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता है।